महिलाएं अब महिला आयोग को इस तरीके से आवेदन पत्र लिखकर अपनी शिकायत पहुंचा सकती हैं

महिलाओं के ऊपर भरते अत्याचारों को देखते हुए सरकार ने महिलाओं के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए महिला आयोग की स्थापना की। जिसके अंतर्गत महिलाएं इस आयोग को शिकायत पत्र लिखकर उनके ऊपर हो रहे अत्याचार हिंसा या शोषण की शिकायत दर्ज कर सकती हैं। लेकिन महिलाओं को पूरी तरह से यह जानकारी नहीं है कि महिला आयोग को शिकायत पत्र कैसे लिखें और यह शिकायत पत्र किस पते पर भेजें?

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इसलिए आज हम जानने वाले हैं कि महिला आयोग को शिकायत पत्र कैसे लिखें? साथ ही हम महिला आयोग में ऑनलाइन शिकायत करने का तरीका और उन्हें पत्र भेज कर शिकायत करने के तरीके के बारे में जानेंगे। आईए लेख को शुरू करते हैं।

महिला आयोग क्या है और शिकायत कैसे करें?

महिला आयोग को शिकायत पत्र लिखने के तरीके के बारे में जानने से पहले लिए हम इस आयोग के बारे में थोड़ी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। तो महिला आयोग भारत सरकार की एक स्वायत्त संस्था है जो महिलाओं के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए कार्य करती है।

महिला आयोग के पास महिलाओं के खिलाफ होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न हिंसा या शोषण की शिकायतों को दर्ज करने और उनका निपटान करने का अधिकार है।

इस राष्ट्रीय महिला आयोग की स्थापना Women Commission act के अंतर्गत 1992 में की गई थी। इस महिला आयोग के माध्यम से जिन भी महिलाओं के ऊपर किसी भी प्रकार की हिंसा की जा रही है, उनका निपटारा किया जा सकता था। जिसके लिए महिलाएं महिला आयोग को एक पत्र लिखती थी और उसके आधार पर सभी जानकारी को देखते हुए महिला आयोग द्वारा एक्शन लिया जाता था।

महिला आयोग को शिकायत पत्र कैसे लिखें?

अगर आप राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज करना चाहते हैं तो आप इन्हें ऑनलाइन शिकायत पत्र भी लिख सकती हैं या फिर एक सादे कागज पर शिकायत पत्र लिखकर भी इन्हें डाक के द्वारा भेज सकती है।

यहां पर हम महिला आयोग को एक शिकायत पत्र लिखने का तरीका जानेंगे और यह समझेंगे कि इसमें क्या-क्या चीज शामिल होती हैं।

सेवा में,

माननीय अध्यक्ष,

राष्ट्रीय महिला आयोग,

विषय – घरेलू हिंसा के संबंध में शिकायत पत्र

महोदय,

मैं ………………… निवासी ………………… इस पत्र के माध्यम से आपके समक्ष मेरे ऊपर हुई घरेलू हिंसा के संबंध में शिकायत दर्ज करना चाहती हूं। मैं एक गृहणी हूं और मेरी शादी 2 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में हुई थी।

1 साल तक तो मेरे ससुराल में सभी चीज सही रही पर 1 साल बाद मुझे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। मेरे पति सुनील जी और उनके परिवार वाले मुझे मारते पीटते और गाली देते हैं।

मैंने इस हिंसा की शिकायत थाना में की थी, परंतु कोई सुनवाई नहीं की गई। इसलिए मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इस मामले की जांच करें और उचित कार्यवाही करें।

मैं यहां आपके साथ हिंसा करने वाले लोगों की भी जानकारी साझा कर रही हूं। इसके साथ ही जो मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है उसका एक फिर कॉपी भी साझा कर रही हूं।।

हिंसा करने वाला/ प्रतिवादी का नाम …………………

धन्यवाद,

शिकायतकर्ता का नाम : …………………………..
शिकायतकर्ता का पता : …………………………..
मोबाइल नंबर :…………………
दिनांक : xx/xx/xxxx

तो आप इस तरह से महिला आयोग को शिकायत पत्र लिख सकती हैं और इसे राष्ट्रीय महिला आयोग के डाक के पते पर भेज सकती हैं। यहां पर हम आपको राष्ट्रीय महिला आयोग का पता भी बता रहे हैं।

National Commission for Women,

Plot no. 21 Jasola Institutional Area,

New Delhi – 110025. 

complaintcell-ncw[at]nic[dot]in
+91-11-26944880
+91-11-26944883

राष्ट्रीय महिला आयोग में ऑनलाइन शिकायत कैसे करें?

तो हमने यह जान लिया कि आप महिला आयोग के पता पर शिकायत पत्र कैसे भेज सकते हैं और आपको शिकायत पत्र कैसे लिखना है। लेकिन लिए अब हम महिला आयोग ऑनलाइन शिकायत करने की प्रक्रिया को समझते हैं।

स्टेप 1:- Mahila Aayog ko Shikayat Patra लिखने हेतु सबसे पहले आप नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करके राष्ट्रीय महिला आयोग के शिकायत पंजीकरण के पेज पर आ जाए। https://ncwapps.nic.in/onlinecomplaintsv2/frmPubRegistration.aspx

स्टेप 2:- इस लिंक पर क्लिक करते ही आपके सामने Complaints Registration Form खुलकर आ जाएगा। जिसे आपको पूरा भरना है।

शिकायतकर्ता का विवरण भरें

mahila-aayog-ko-shikayat-patra-kaise-likhe

स्टेप 3:- यहां पर शिकायत फॉर्म में सबसे पहले उसे व्यक्ति का सभी विवरण भरा जाएगा जो यह शिकायत कर रहा है। शिकायत करने वाला व्यक्ति कोई भी हो सकता है। जरूरी नहीं है कि वह वहीं महिला हो जिसके साथ हिंसा हुई है।

स्टेप 4:- शिकायतकर्ता के विवरण में आपको नाम, पता, पिन कोड, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, इत्यादि सभी जानकारियां भरनी होगी।

पीड़ित का विवरण भरें

स्टेप 5:- तो अब दूसरे नंबर पर आपको महिला आयोग शिकायत पत्र में उस महिला की सभी जानकारियां भरनी है, जिस महिला के साथ हिंसा या उत्पीड़न हुआ है।

स्टेप 6:- तो यहां पर सबसे पहले ही आपसे पूछा जाएगा कि क्या शिकायत करता ही पीड़ित है? जिसका अर्थ है कि जो शिकायत कर रहा है, क्या उसी के साथ हिंसा हुई है? तो यहां पर आप हां या नहीं के विकल्प में के क्लिक कर सकते हैं।

स्टेप 7: -अगर आप हां के विकल्प पर क्लिक करते हैं तो आपके सामने Automatically ही वह विवरण भरकर आ जाएगा, जो आपने शिकायत करता वाले विकल्प में भरा था। इसके अलावा आपको केवल पीड़ित के विवरण में उसकी जन्मतिथि, जाति, इत्यादि चीज भरनी होगी।

प्रतिवादी का विवरण भरें

स्टेप 8:- अब महिला शिकायत आवेदन पत्र या फॉर्म के ही तीसरे विकल्प में प्रतिवादी का विवरण भरना है। इसका मतलब यह है कि जिस व्यक्ति ने महिला के साथ हिंसा की है, उसकी सभी जानकारी आपको भरनी होगी। जैसे उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, इत्यादि।

शिकायत का विवरण भरें

स्टेप 8:- अब चौथ वाले विकल्प में आपको शिकायत से संबंधित कुछ जानकारियां भरनी होगी। जिसमें यह पूछा जाएगा की हिंसा करने वाला व्यक्ति यानी प्रतिवादी कौन से विभाग में है। क्या यह मामला कोर्ट में जा चुका है। हिंसा किस तारीख को की गई थी। क्या यह मामला राज्य महिला आयोग में दर्ज कराया गया है इत्यादि।

घटना से संबंधित सभी जानकारियां भरें

स्टेप 9:- अब आपको पांचवी विकल्प में घटना की पूरी जानकारी डालनी होगी। यानी कि आपके साथ किस तरह से हिंसा हुई है और किसने किया है। इस लेख में हमने ऊपर महिला शिकायत पत्र लिखने से संबंधित जानकारी दी है जिसमें आप देख सकते हैं कि आपको घटना की जानकारी कैसे लिखती है।

स्टेप 10:- अब इसके बाद अंत में आपको Submit बटन पर क्लिक कर देना है। तो इस तरह से आपका राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज हो जाएगा। जैसे ही आप Submit बटन पर क्लिक करते हैं आपको एक रसीद संख्या प्राप्त होगी, जिसे आपको संभाल कर रख लेना है।

आपके ऊपर हुई हिंसा या उत्पीड़न राष्ट्रीय महिला आयोग के अंतर्गत आता होगा तो 10 दिन के बाद आपको इसी रसीद नंबर के माध्यम से यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। जिसके माध्यम से आप राष्ट्रीय महिला आयोग के वेबसाइट पर लॉगिन कर सकेंगे और सभी कार्यवाहियों के बारे में जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।

कौन सी शिकायत महिला आयोग में कर सकते हैं?

ऐसी कई सारी शिकायत है, जो कोई भी महिला महिला आयोग में कर सकती है।

  • यौन उत्पीड़न: शारीरिक, मौखिक, भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक यौन उत्पीड़न।
  • घरेलू हिंसा: पत्नी, बच्चों या अन्य परिवार के सदस्यों द्वारा महिला पर किया गया शारीरिक, भावनात्मक या आर्थिक शोषण।
  • लैंगिक भेदभाव: किसी महिला को उसकी लिंग के आधार पर किसी अधिकार से वंचित करना।
  • सामाजिक न्याय: महिलाओं को उनके अधिकारों और अवसरों तक पहुंचने में बाधा डालने वाली सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाएं।
  • महिलाओं के खिलाफ अपराध: दहेज हत्या, बलात्कार, छेड़छाड़, बाल विवाह, घरेलू हिंसा आदि।
  • महिलाओं के खिलाफ भेदभाव: शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, राजनीति आदि में महिलाओं के खिलाफ भेदभाव।
  • महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन: महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित कानूनी या प्रशासनिक कार्यवाही।

कौन सी शिकायत महिला आयोग में नहीं की जा सकती है?

  • ऐसी स्थिति जहां महिलाओं के अधिकारों को नुकसान न पहुंचे.
  • नागरिक मामलों से निपटने वाला एक सरकारी विभाग।
  • ऐसी स्थिति जहां कोई समस्या राज्य या किसी अन्य आयोग द्वारा हल होने की प्रतीक्षा कर रही हो।
  • रोज़गार या नौकरी से जुड़े मामले.
  • अदालत या न्यायाधिकरण में समाधान की प्रतीक्षा कर रही समस्याएं।

महिला आयोग में शिकायत करने पर क्या होता है?

यदि कोई भी व्यक्ति महिला आयोग में शिकायत करता है तो सबसे पहले आयोग द्वारा उसे शिकायत की जांच की जाती है। और यह देखा जाता है कि वह शिकायत महिला आयोग के अंतर्गत आता है या नहीं।

शिकायत की जांच के लिए महिला आयोग एक जांच अधिकारी नियुक्त करता है। जिसमें जांच अधिकारी शिकायतकर्ता और प्रतिवादी व्यक्ति से बात करता है। और साथ ही कुछ अन्य दस्तावेजों और साक्षी का भी अध्ययन करता है।

पूरी जांच हो जाने के बाद जांच अधिकारी रिपोर्ट महिला आयोग को सौंपता है और फिर यह निर्णय लिया जाता है कि शिकायतकर्ता को किस प्रकार की राहत देनी चाहिए।

राज्य महिला आयोग की लिस्ट

दरअसल हम आपको बता दें कि हमने अभी आपको राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत पत्र लिखने की जानकारी दी है। परंतु आप अपने-अपने राज्य के महिला आयोग को भी शिकायत पत्र पहले लिख सकते हैं। क्योंकि इस प्रकार आपकी समस्या जल्दी हाल हो जाती है, क्योंकि राज्य महिला आयोग अपने राज्य के सभी समस्याओं को हल करती है।

यहां पर हम आपके साथ सभी राज्यों के महिला आयोग की लिस्ट साझा कर रहे हैं, जिसे आप देख सकते हैं और लिंक पर क्लिक करके आप उन सभी राज्य की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यानी कि अगर आप महिला आयोग उत्तर प्रदेश का पता जानना चाहते हैं तो आप उत्तर प्रदेश के लिंग पर क्लिक करके उसका पता जा सकते हैं और आपको वेबसाइट की भी जानकारी मिल जाएगी।

  1. Andhra Pradesh
  2. Arunachal Pradesh
  3. Assam
  4. Bihar
  5. Chhattisgarh
  6. Goa
  7. Gujarat
  8. Haryana
  9. Himachal Pradesh
  10. Jammu and Kashmir
  11. Jharkhand
  12. Karnataka
  13. Kerala
  14. Madhya Pradesh
  15. Maharashtra
  16. Manipur
  17. Meghalaya
  18. Mizoram
  19. Nagaland
  20. Odisha
  21. Punjab
  22. Rajasthan
  23. Sikkim
  24. Tamil Nadu
  25. Telangana
  26. Tripura
  27. Uttar Pradesh
  28. Uttarakhand
  29. West Bengal

Union Territories:

  1. Andaman and Nicobar Islands
  2. Chandigarh
  3. Dadra and Nagar Haveli
  4. Daman and Diu
  5. Lakshadweep
  6. National Capital Territory of Delhi
  7. Puducherry

FAQ’s –

Q. महिला आयोग में शिकायत कैसे दर्ज की जाती है?

Ans- महिला आयोग में शिकायत दर्ज करने के लिए आपको अपने राज्य के महिला आयोग वेबसाइट पर जाना होगा। उसके बाद आपको एक शिकायत फॉर्म का पेज दिखाई देगा जिस पर क्लिक करके आप पूरा शिकायत फॉर्म भर सकते हैं।
इसके अलावा अगर आप राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत करना चाहते हैं तो उसकी जानकारी हमने इस लेख में विस्तार पूर्वक बताई है।

Q. मैं एक महिला उत्पीड़न के बारे में शिकायत कैसे करूं?

Ans- महिला उत्पीड़न के बारे में शिकायत करने के लिए आप महिला आयोग में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। सबसे पहले आप पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कारण और फिर की कॉपी अपने पास रखें।
उसके बाद अपने राज्य के महिला आयोग में शिकायत दर्ज करें। अगर कोई कार्यवाही नहीं होती है तो आप राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत कर सकते हैं।

Q. महिला आयोग को पत्र कैसे लिखा जाता है?

Ans- महिला आयोग को पत्र लिखना बहुत ही आसान है। जिस तरह से आप अन्य आवेदन पत्र लिखते हैं आपको केवल वही प्रक्रिया अपनानी है। लेकिन आपको सभी घटनाओं की जानकारी पूरी तरह से देनी होगी।

Q. महिला आयोग कैसे काम करती है?

Ans- महिला आयोग में जब भी कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है तो वह सबसे पहले शिकायत की जांच करती है कि वह शिकायत महिला आयोग के अंतर्गत आता है या नहीं।
उसके बाद एक जांच अधिकारी शिकायत करने वाले व्यक्ति और प्रतिवादी दोनों से ही पूरी तरह से बातचीत करता है और विभिन्न प्रकार के सबूत को भी देखा है। इसके बाद यह निर्णय लिया जाता है कि महिला के साथ क्या निर्णय लेना चाहिए।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने जाना की महिला आयोग को शिकायत पत्र कैसे लिखें? उम्मीद है कि इस लेख के माध्यम से आपको शिकायत पत्र लिखने से संबंधित सभी जानकारियां मिल पाई होगी। यदि आपको इस विषय पर किसी अन्य जानकारी की आवश्यकता हो तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

यदि आपके मन में इस लेख से संबंधित कोई सवाल है जो आप हमसे पूछना चाहते हैं तो कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट कर के पूछ सकते हैं। जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।

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